अगर आप एंटीबायोटिक दवाई ले रहे हैं तो सावधान ||

अगर आप एंटीबायोटिक दवाई ले रहे हैं खबर आपके लिए है
एंटीबायोटिक दवाएं जब नहीं बनी थी तो जीवन रक्षा बहुत कठिन था| असमय अनेक मौतों का हो जाना आम बात थी मगर अब जब जीवन सेबी बनकर सेबीबायोटिक्स हमें उपलब्ध है| इसका प्रयोग भी खतरे से खाली नहीं है आइए हम इस समस्या पर जानकारी लें|

 

1-एंटीबायोटिक के ज्यादा प्रयोग से जीवाणु अपने बचने का तरीका ढूंढ लेते हैं और वे इसके प्रभाव को खत्म कर देते हैं इसलिए हमें अधिक एंटीबायोटिक से बचना चाहिए|

 

2-कई लोग आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण एंटीबायोटिक की पूरी खुराक नहीं ले पाते हैं जिससे एंटीबायोटिक बेअसर हो जाती है|

 

3-पूरी जानकारी ना होना जागरूकता की कमी कुछ ऐसे कारण है कि लोग पूरी दवा की मात्रा पूरे दिन के लिए नहीं खाते हैं|

 

4-कुछ दवाइयां भी नकली निम्न स्तर की कम शक्तिशाली दिखने लगी है यह भी कारण है कि एंटीबायोटिक बेअसर हो रही है|

 

5-वास्तव में सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों के लिए एंटीबायोटिक देना शरीर की कार्यशीलता को नुकसान पहुंचाता है| ऐसे अवसर पर एंटीबायोटिक देने से प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचता है|

 

एंटीबायोटिक की मदद से मुर्गी से अधिक अंडे गाय से अधिक दूध पेड़ पौधों से अधिक फल-सब्जियां प्राप्त की जाती हैं |इसे खाकर जीवाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है जो गलत है| खाद्य पदार्थों के उत्पादन में यह सब हो रहा है| कुल एंटीबायोटिक में से 50% व खाद्य पदार्थ के उत्पादन में लग रहा है यही हमारे शरीर में जाता है| जीवाणुओं में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है |तभी दवा का असर नहीं होता है|

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