जठराग्नि का मंद पड़ जाना (गैस्ट्राइटिस)  और घरेलू नुस्खे Quick and easy home remedy of Gastritis

परिचय:-

इस रोग के कारण रोगी की पाचन का कार्य मंद पड़ जाता है जिसके कारण रोगी के शरीर में अनेक प्रकार के रोग उत्पन्न हो जाते हैं और उसकी पाचन प्रणाली प्रभावित हो जाती है।

जठराग्नि के मंद पड़ जाने का लक्षण:-

  • इस रोग से पीड़ित रोगी को जी मिचलाना, पेट में अफारा, पेट में गैस बनना, पेट में दर्द तथा पेट में जलन होने जैसे लक्षण प्रकट होने लगते हैं।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी जब भोजन कर लेता है तब उसे थोड़ी-थोड़ी घबराहट सी महसूस होने लगती है।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को खाया हुआ भोजन सही से पचता नहीं है।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को उल्टी भी होने लगती है जिसके कारण से पचा हुआ भोजन बाहर आ जाता है तथा मल में खून के छींटे आने लगते हैं।

जठराग्नि के मंद पड़ जाने का कारण:-

  • यह रोग पेट के आन्तरिक भाग तथा नाजुक श्लेष्माकला अस्तर में सूजन आ जाने के कारण होता है।
  • औषधियों के जरूरत से ज्यादा सेवन करने तथा शारीरिक व मानसिक तनाव के कारण यह रोग होता है।
  • अधिक धूम्रपान करने,शराब पीने तथा नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने के कारण यह रोग होता है।

जठराग्नि के मंद पड़ जाने पर प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार:-

  • इस रोग का उपचार करने के लिए व्यक्ति को कम से कम 3 दिन तक नियमानुसार एनिमा क्रिया करके अपने पेट को साफ करना चाहिए तथा इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए।
  • इस रोग को ठीक करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को अपनी रक्त संचार प्रणाली में सुधार करना चाहिए और रक्त संचार प्रणाली में सुधार करने के लिए रोगी व्यक्ति को प्रतिदिन 2-3 घण्टे तक अपने पेट पर मिट्टी की गीली पट्टी का लेप करना चाहिए।
  • रोगी व्यक्ति को प्रतिदिन ठंडे पानी से कटिस्नान करना चाहिए।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को पेट में दर्द होने पर, दर्द से राहत पाने के लिए गैस्ट्रो-हैपेटिक लपेट का उपयोग करना चाहिए।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को अपने पेट पर गर्म या ठंडी सिंकाई करनी चाहिए तथा कटिस्नान करना चाहिए।
  • रोगी व्यक्ति को उपचार कराने के लिए नियमित अंतराल पर बर्फ का ठंडा दूध पीना चाहिए तथा भोजन नहीं करना चाहिए और बर्फ के टुकड़े को चूसना चाहिए। इसके फलस्वरूप तुरंत ही इस रोग से राहत मिल जाती है।
  • इस रोग से पीड़ित रोगी को हानिकारक खाद्य पदार्थ जैसे कॉफी, औषधियां, शराब, धूम्रपान आदि का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इन चीजों के उपयोग से रोग की अवस्था और खराब हो सकती है |

 

One comment

  • Today, I went to the beach with my children. I found a sea shell and gave it to my 4 year
    old daughter and said “You can hear the ocean if you put this to your ear.” She placed the
    shell to her ear and screamed. There was a hermit crab inside and it pinched her ear.
    She never wants to go back! LoL I know this is
    entirely off topic but I had to tell someone!

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