Quick and effective 10 home remedy of Dyspesia अजीर्ण के 10 असरदार और रामबाण घरेलू नुस्खे

अजीर्ण (Dyspesia)

परिचय:-

अजीर्ण रोग से पीड़ित रोगी को कई प्रकार के अन्य रोग भी हो जाते हैं तथा इस रोग को कई प्रकार के अन्य नामों से भी जाना जाता है जो इस प्रकार हैं- बदहजमी, मन्दाग्नि, अपच तथा अग्निमान्द्य। इस रोग का इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से किया जा सकता है।

अजीर्ण रोग होने के कारण:-

अजीर्ण  रोग होने का सबसे प्रमुख कारण पेट में कब्ज बनना है।

अजीर्ण रोग होने के लक्षण:-

अजीर्ण  रोग होने के कारण भोजन करने के बाद रोगी व्यक्ति का भोजन ठीक से नहीं पचता है, उसे खट्टी-खट्टी डकारे आने लगती हैं तथा उसका पेट फूलने लगता है। रोगी व्यक्ति के पेट में हल्का-हल्का दर्द होने लगता है, गले तथा हृदय में जलन होने लगती है, मुंह के अन्दर से पानी बाहर आने लगता है, जी-मिचलाने लगता है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है, मलक्रिया बन्द हो जाती है। इसके अलावा दिमागी परेशानी, घबराहट तथा भूख न लगना आदि समस्याएं भी रोगी को हो जाती हैं।

अजीर्ण  रोग से पीड़ित व्यक्ति का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार :-

  1. अजीर्ण रोग का प्राकृतिक चिकित्सा से इलाज करने के लिए सबसे पहले रोगी व्यक्ति को शुरू के 3 दिन कागजी नींबू के रस का सेवन कराके उपवास रखवाना चाहिए या फिर कुछ दिनों तक फलों का रस पिलाना चाहिए।
  2. संतरा, गाजर तथा टमाटर के रस का अधिक मात्रा में सेवन करने से भी अजीर्ण रोग ठीक हो जाता है।
  3. अजीर्ण रोग से पीड़ित रोगी को 4-5 दिनों तक आवश्यकता से कम भोजन का सेवन करना चाहिए। सुबह के समय में एक मीठा सेब या फिर पका टमाटर, दोपहर के समय कोई उबाली हुई सब्जी तथा तीसरे पहर के समय में गाजर, टमाटर, अनन्नास का रस और रात के समय में थोड़ी-सी उबाली हुई सब्जी या फिर इन सभी चीजों का रस पीना चाहिए। इन दिनों में उपचार करने के साथ-साथ रोगी व्यक्ति को गुनगुने पानी से एनिमा क्रिया करनी चाहिए। इससे यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  4. रोगी व्यक्ति को कुछ दिनों तक उपवास रखना चाहिए तथा पाचनशक्ति को बढ़ाने के लिए सादा और साधारण भोजन करना चाहिए। इसके साथ-साथ रोगी को हल्का व्यायाम भी करना चाहिए।
  5. अजीर्ण रोग को ठीक करने के लिए शुष्क तथा घर्षण स्नान करना चाहिए और इसके साथ-साथ हल्का व्यायाम भी करना चाहिए। यदि साधारण अजीर्ण रोग है तो वह मात्र इतने उपचार से ही ठीक हो जाता है लेकिन जब यह रोग अधिक गंभीर, प्रबल तथा पुराना होता है उसे ठीक होने में कुछ समय लग सकता है।

प्रबल तथा पुराने अजीर्ण  रोग को निम्नलिखित प्राकृतिक चिकित्सा से ठीक किया जा सकता है :-

  1. रोगी व्यक्ति को प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार बताए गए एप्सम साल्ट बाथ करना (गुनगुने पानी में नमक थोड़ा सा नमक मिलकर उस पानी से स्नान करने को एप्सम साल्ट बाथ कहते है।) चाहिए। प्रतिदिन गरम पानी में तौलिया भिगोकर उस तौलिए से पेट की मांसपेशियों की कुछ मिनटों तक सिंकाई करनी चाहिए। इस क्रिया को करने के साथ-साथ बीच-बीच में 3 से 4 मिनट तक ठंडे पानी में तौलिए को भिगोकर सिंकाई करनी चाहिए। इस प्रकार से प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा उपचार करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
  2. प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार अजीर्ण रोग को ठीक करने के लिए रात के समय में रोगी के पेड़ू पर गीली मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए।
  3. प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार रोगी की कमर पर गीली मिट्टी की पट्टी लगानी चाहिए।
  4. रोगी व्यक्ति को भोजन करने से 30 मिनट पहले 1 गिलास ठंडे पानी में एक कागजी नींबू का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे अजीर्ण रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  5. यदि इस रोग से पीड़ित रोगी का अजीर्ण रोग बहुत ज्यादा गंभीर हो गया हो तो प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार रोगी व्यक्ति के पूरे शरीर को भीगी चादर की लपेट करना चाहिए फिर इसके बाद वाष्प स्नान करना चाहिए। इससे यह रोग जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  6. अजीर्ण रोग को प्राकृतिक चिकित्सा से ठीक करने के लिए रोगी को उदरस्नान तथा मेहनस्नान करना चाहिए तथा इसके बाद गर्म और ठण्डा पेट स्नान करना चाहिए। इस प्रकार से स्नान करना ज्यादा लाभकारी होता है।
  7. रोगी व्यक्ति को 5 मिनट तक गरम पानी से उदर स्नान करने के बाद 3 मिनट तक ठंडे पानी से उदर स्नान करना चाहिए। इसके बाद इस क्रिया को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 बार दोहराना चाहिए।
  8. प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार धनुरासन और उत्थान पादासन क्रिया से अजीर्ण रोग का इलाज करने से रोगी व्यक्ति जल्दी ही ठीक हो जाता है।
  9. प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार अजीर्ण रोग को ठीक करने के लिए नीली बोतल का सूर्यतप्त जल 25 मिलीलीटर की मात्रा में रोजाना 4 बार सेवन करने से रोगी व्यक्ति जल्दी ही ठीक हो जाता है

Dyspesia introduction:-

The patient suffering from indigestive diseases also has many other diseases, and this disease is also known by many other names, which are as follows: dysfunctional, dyspnea, indigestion and fires. This disease can be treated with natural medicine. Due to unborn disease: –           The main cause of indigestion is constipation in the stomach.

Symptoms of indigestion: –      

Due to indigestion disease, after feeding, the patient’s food is not properly digested, it starts souring and sours and his stomach starts to flourish. There is a slight pain in the patient’s stomach, irritation of the throat and heart starts coming out of the mouth, the water starts to melt, the heartbeat becomes faster, the skin closes. is. Apart from this, problems related to brain discomfort, anxiety and loss of appetite, etc. also occur to the patient.

Treatment of natural medicine with a person suffering from indigestion disease: –

In order to treat indigestion with natural healing, firstly, the person should take fast food by consuming lemon juice for 3 days or fruit juice for a few days. Eating a large quantity of orange, carrot and tomato juice also cures the disease of indigestion.

The patient suffering from indigestion should eat less than 4-5 days of food requirement. In the morning, a sweet apple or a ripe tomato, no boiled vegetable in the afternoon, and carrots, tomatoes, pineapple juice in the afternoon and a little boiled vegetable in the night or the juice of all these things Should drink In addition to treatment in these days, the patient should perform an enema with lukewarm water. With this, the disease gets cured within a few days.

The patient should fast for a few days and eat simple and simple food to increase digestion. Along with that, the patient should also exercise lightly. In order to cure an indigestive disease, a dry and frictional bath should be done, and it should also perform a light exercise. If there is a simple indigestion disease then it is cured only by such treatment, but when this disease is more serious, strong and old, it can take some time to recover.

Strong and old indigestion can be cured by the following natural therapies: –

According to natural medicine, the person should tell the apple saal (bath salt in warm water and add some salt to the water to wash it with water). Soaking the towel in hot water every day, that towel should stomach the stomach muscles for a few minutes. As well as doing this action, it should be soaked in towels soaked in cold water for 3 to 4 minutes in between. Thus, with the treatment of natural medicine, this disease gets cured within a few days.

According to naturopathy, in order to cure an indigestive disease, wet clay strip should be applied on the patient’s parchment during the night. According to natural medicine, wet soil strip should be applied on the patient’s waist.

The patient should drink a glass of lemon juice 30 minutes before eating it in 1 glass cold water. This leads to cure of indigestion disease soon. If the indigestible disease of the patient suffering from this disease has become very serious, according to natural medicine, the whole body of the patient should wrap the shoulder sheet and after that the vapor bath must be followed. With this the disease gets cured soon. In order to cure the indigestive disease with natural healing, the patient should abort and shower and after this he should take a warm and cold stomach. Bathing like this is more beneficial. The patient should take an abdominal bath with cold water for 3 minutes after bathing with warm water for 5 minutes. After this, this action should be repeated at least 3 to 4 times per day.

According to natural medicine, patient patient gets cured soon after treatment of indigestion from Dhanrassan and upliftment padasan kriya. According to natural medicine, to cure an indigestive disease, the person is treated properly after consuming the amount of 25ml of sunflower water of the blue bottle for 4 times daily.

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